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Updated : Feb 22, 2018 in मोबाइल ऐप

मोबाइल रेडिएशन और इसका सेहत पर क्या असर पडता है आइए जानें|

मोबाइल रेडिएशन आपकी सेहत पर क्या असर डालता है?/ कितना हानिकारक है मोबाइल रेडिएशन /मोबाइल  रेडिएशन के दुष्प्रभाव क्या हैं आइए जानें|

मोबाइल फोन ह्मारी जिंदगी का अहम हिस्सा वन गए हैं। आजकल हर काम मोबाइल फोन पर ही हो जाते हैं।

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जैसे – इंटरनेट यूज करना हो, बिडियो कॉलिंग करनी हो, व्टेसएप या फेसबुक चलाना हो, शोपिंग करनी हो आदि। लेकिन आपको पता है इसका ज्यादा इस्तेमाल आपकी सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है। आइए जानते हैं ?

मोबाइल रेडिएशन| Mobile Radiation

मोबाइल फोन रेडिएशन को गैर-आयनीकरण के रूप में वर्गीकृत किया गया है। गैर- आयनीकरण रेडिएशन विभिन्न प्रकार के विद्युत चुम्बकीय रेडिएशन को दर्शाता है। जिसका अर्थ है कि गैर- आयनीकरण रेडिएशन द्वारा ऊर्जा को किसी अन्य रूप में छोड़ना। गैर- आयनीकरण रेडिएशन के अन्य रूपों में माइक्रोवेव, रेडियो तरंगें और दृश्यमान प्रकाश (लाइट्स) शामिल हैं।

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हम इस तरह के या इस तरह से होने वाले रेडिएशन को भी अवॉयड नहीं कर सकते हैं, इसके अलावा हम मोबाइल रेडिएशन को भी किसी भी रूप में अवॉयड नहीं कर सकते हैं।



मोबाइल फ़ोन रेडिएशन को लेकर WHO की राय क्या है?

WHO के अनुसार माइक्रोवेव भी मोबाइल फोन के जैसे ही रेडिएशन को छोड़ते हैं।

WHO

एक माइक्रोवेव को इस्तेमाल करते हुए आप जिस चीज़ को गर्म करना चाहते हैं, उसे उसके ऊपर रखते हैं। ऐसा ही कुछ मोबाइल फोन के साथ भी होता है। कई शोधों में ऐसा पाया गया है कि अगर आप 50 मिनट तक निरंतर मोबाइल फोन को इस्तेमाल करते हैं तो यह आपके दिमाग के सेल्स को प्रभावित करता है। इस सिथती से निपटने के लिए 14 देश शामिल हुए, जिनका मकसद था कि लोगों को मोबाइल फोन से होने वाली रेडिएशन के वारे मे वताया जाए, कि मोबाइल फोन का कितना इस्तेमाल व्यकित के लिए जरुरी है और कितना हानिकारक्।  

मोबाइल का रेडिएशन कितना होना चाहिए ?

संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के ‘स्पेसिफिक एब्जॉर्प्शन रेट’ (सार) के तहत किसी भी स्मार्टफोन, टैबलेट या अन्य स्मार्ट डिवाइस का रेडिएशन 1.6 वॉट प्रति किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए। शरीर से डिवाइस की 10 मिलीमीटर की दूरी पर भी यह नियम लागू होता है। यदि फोन पर बात करते हुए या जेब में रखे हुए, आपका डिवाइस रेडिएशन की इस सीमा को पार करता है, तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। अपने मोबाइल का रेडियशन स्तर यानि स्पेसिफिक एब्सार्पशन रेट को (एसएआर) जानने  के लिये आप *#07# डायल करें, यदि फोन का SAR वैल्यू 1.6 वॉट प्रति किग्रा (1.6 W/kg) से अधिक है तो आप अपना फोन बदल लें।

मोबाइल रेडिएशन से बचने के क्या तरीके हैं?

मोबाइल फोन से होने वाले रेडिएशन से बचने के लिए हमें कुछ बातों का ध्यान रखना जरुरी है। अगर इन वातों पर गौर किया जाए तो ह्म कॉफी हद तक इससे पडने वाले दुष्प्रभावों से वच सकते हैं।

1.स्पीकर या ईयरफोन का इस्तेमाल करें : ईयरफोन या स्पीकर का इस्तेमाल आप गाना सुनने के के लिए करते हैं,

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इसका इस्तेमाल से आप फोन पर बात भी कर सकते हैं। इससे आप कई बीमारियों को खुद से दूर रख सकते हैं। फोन को सीधे कान पर लगा कर बात करने से बेहतर है कि आप स्पीकर या ईयरफोन का ही इस्तेमाल करें। 

2.फोन जितना दूर रहे उतना अच्छा : अगर आप फोन पर बात नहीं कर रहे हैं तो फोन को शरीर के बहुत पास न रखें। फोन जितना दूर रहेगा उतना कम रेडिएशन आपके शरीर तक पहुंचेगी।

3.घर या ऑफिस में ज्यादातर लैंडलाइन फोन का ही इस्तेमाल करें: अगर आप घर में या ऑफिस में हैं तो अपने मोबाइल फोन के स्थान पर लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल करें, इससे आप इसकी

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हानिकारक किरणों की चपेट में आने से बच सकते हैं।

4.मैसेज ऐप्स का प्रयोग करें : फोन पर बात करने के बजाए मैसेज पे बात करना बेहतर है। फोन पर बात करते वक्त ज्यादा रेडिएशन निकलती हैं। आज व्हाट्सएप, मैसेंजर जैसे

wats app

अनेक मैसेजिंग ऐप आ गए हैं जिनका प्रयोग करके आप फोन पर ज्यादा बात करने से बच सकते हैं।

5.बच्चों को मोबाइल फोन की आदत कम डालें बच्चों को मोबाइल फोन का इस्तेमाल कम करने दें। अक्सर देखा गया है कि बच्चे अधिक्तर समय मोबाइल फोन पर गेम खेलते हैं इससे उनकी आंखो पर असर पड सकता है, आंखे कमजोर हो सकती हैं।

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जितना हो सके बच्चों को मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने दें।

6.कम रेडिएशन वाला फोन खरीदें : मोबाइल फोन से लोगों पर हो रहे बुरे प्रभाव को देखते हुए भारत सरकार ने तय किया है कि भारत में बिकने वाले मोबाइल फोन का स्पेसिफिक एब्जोर्प्शन रेट वाला मोबाइल फोन ही प्रयोग मे आना चाहिए।

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ऐसा होने से लोगों को रेडिएशन की समस्या से कॉफी हद तक निजात मिल सकती है।

7.मोबाइल सिग्नल पर ध्यान दें : कॉल तब करें जब सिग्नल अच्छे आ रहे हों क्योंकि कम

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सिग्लन मिलने पर फोन को नेटवर्क ढूंढने के लिए ज्यादा जोर लगाना पड़ता है और रेडिएशन की मात्रा बढ़ जाती है। 

8.तकिए के नीचे या पॉकेट में फोन रखने से बचें : अगर कॉल पर बात नहीं कर रहे हैं तो फोन को शरीर के बहुत पास न रखें।

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फोन जब इस्तेमाल में नहीं होता, तब भी उसमें से रेडिएशन निकलती रहती हैं। इसलिए फोन को तकिए के नीचे या पॉकेट में न रखें। अगर ऐसा करते भी हैं तो स्विच ऑफ या एयरप्लेन मोड पर रखें।

9.पुराने फोन को त्याग दें : अगर आपका फोन बहुत पुराना हो गया है तो इसे त्याग दें।

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और जल्द ही स्मार्टफोन खरीद लें, जिसका स्पेसिफिक एब्जोर्प्शन रेट (Specific Absorption Rate, SAR) 1.6 वाट/किग्रा से कम होना चाहिए। जो आपको रेडिएशन की समस्या से वचाएगा।

10.चार्जिंग लगा कर फोन न सुने फोन चार्ज होने पर आप किसी से फोन पे बात न करें,

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ऐसे मे फोन फटने की संभावना बढ सकती है।

मोबाइल रेडिएशन के नए नियम

ये नियम एक सितंबर 2012 को लागु हुए। हालांकि मोबाइल सेट के लिए ये समय सीमा एक सितंबर 2013 से लागु करने की रखी गई

दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने मोबाइल फोन को लेकर नए गाइडलाइंस जारी किए हैं, ताकि रेडिएशन का नुकसान कम किया जा सके। इसके साथ ही सिब्बल ने कहा कि हर गली मोहल्ले में खड़े मोबाइल टावरों की भी जांच की जाएगी और इससे निकलने वाले रेडिएशन का मानव शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों की भी जांच होगी। इसके लिए ICMR यानी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च, पर्यावरण मंत्रालय और विज्ञान एंव प्राद्योगिकी मंत्रालय से भी मदद ली जा रही है, ताकि आने वाले समय में Electro Magnetic Radiation के दुष्प्रभावों को कम किया जा सके।

क्या हैं नए नियम आइए जानते हैं –

  • हर मोबाइल फोन का एसएआर यानी स्पेसिफिक एब्जार्प्शन रेट लेवल 6 वॉट प्रति किलोग्राम, प्रति एक ग्राम मानव टिशू होगा। पहले ये मानक 2 वॉट प्रति किलोग्राम प्रति एक ग्राम मानव टिशू था।
  • हर मोबाइल फोन पर ये मानक लिखा होगा।
  • मोबाइल फोन कंपनियां एक साल के अंदर पुराने हैंडसेटों को खपा देंगी।
  • जो उपभोक्ता पूराने फोन खरीद चुके हैं उन पर नया नियम लागू नहीं होगा।
  • कुछ ऐसा ही नियम मोबाइल टावर के लिए बनाया गया है। नए नियम के मुताबिक मोबाइल टावरों से निकलने वाले रेडियेशन के मौजूदा मानक के दसवें हिस्से के बराबर कटौती और करनी होगी।
  • नियम न मानने वालों पर 5 लाख रुपया प्रति टावर जुर्माना होगा।
  • हालंकि सरकार का कहना है कि 95 फीसदी टावर नए मानक पर खरे उतरते हैं।

अगर आप इन बातों का ध्यान रखेगें तो आप मोबाइल फोन से होने वाली रेडिएशन से वच सकते हो। जिन लोगों को इन बातों की जानकारी नही है कि हमें मोबाइल फोन का कितना यूज करना चाहिए तो वो ये आर्टीकल जरुर पढे। आपको मोबाइल रेडिएशन की पूरी जानकारी इस आर्टीकल मे मिल जाएगी। आर्टीकल अच्छा लगे तो लाइक और शेयर जरुर करें।

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